कांग्रेस हाईकमान की बैठकों ने बढ़ाई सियासी हलचल, डीके शिवकुमार और खड़गे के नाम चर्चा में

बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक की राजनीति इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल के दौर से गुजरती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलों ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की लगातार बैठकों और अंदरखाने चल रहे मंथन के बीच अब सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी कर रही है? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव 2029 को ध्यान में रखते हुए दक्षिण भारत में अपनी रणनीति को नए तरीके से तैयार कर रही है। ऐसे में कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

दिल्ली में हाईलेवल बैठकों के बाद बढ़ी अटकलें

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार शामिल हुए। आधिकारिक तौर पर कहा गया कि बैठक में संगठन, आगामी चुनाव और राज्यसभा रणनीति पर चर्चा हुई। लेकिन राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि बैठक में कर्नाटक के नेतृत्व को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान राज्य में नए चेहरे के साथ आगे बढ़ने के विकल्प पर विचार कर रहा है।

क्या दिल्ली भेजे जाएंगे सिद्धारमैया?

कांग्रेस के अंदर चल रही चर्चाओं के मुताबिक पार्टी सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देना चाहती है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सिद्धारमैया एक मजबूत ओबीसी चेहरा हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि अगर सिद्धारमैया दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका स्वीकार करते हैं तो उन्हें ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी यानी AICC में बड़ा पद दिया जा सकता है। साथ ही राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए उनके परिवार को भी संगठन या सरकार में अहम जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा तेज है।

डीके शिवकुमार सबसे आगे?

अगर कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार डीके शिवकुमार को माना जा रहा है। डीके शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं और संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद भी उनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन अंत में पार्टी ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया था। अब एक बार फिर उनका नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे बताया जा रहा है।

मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम की भी चर्चा

कुछ राजनीतिक रिपोर्ट्स में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम की भी चर्चा होने का दावा किया गया है। हालांकि इसको लेकर पार्टी की ओर से कोई संकेत नहीं दिया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अभी सभी विकल्प खुले रखकर आगे बढ़ रही है ताकि किसी भी फैसले से पहले राजनीतिक समीकरणों को संतुलित रखा जा सके।

कांग्रेस हाईकमान क्यों नहीं लेना चाहता जोखिम?

कांग्रेस कर्नाटक को दक्षिण भारत में अपनी सबसे मजबूत सरकार के रूप में देखती है। ऐसे में पार्टी किसी भी तरह की अंदरूनी बगावत या गुटबाजी से बचना चाहती है। सूत्रों के अनुसार हाईकमान इस पूरे ट्रांजिशन को बेहद सावधानी और सम्मानजनक तरीके से पूरा करना चाहता है ताकि पार्टी में कोई बड़ा असंतोष सामने न आए। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस 2029 की रणनीति को ध्यान में रखते हुए राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के बीच बड़ा संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

क्या जल्द बदल जाएगा कर्नाटक का मुख्यमंत्री?

फिलहाल कांग्रेस की ओर से किसी तरह का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन लगातार बैठकों, बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं और नेताओं की दिल्ली दौड़ ने सत्ता परिवर्तन की अटकलों को और तेज कर दिया है। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर टिकी है। अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो यह कर्नाटक की राजनीति में सबसे बड़ा सियासी बदलाव साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *