किसान नेता गुरनाम चढूनी ने नई राजनीतिक मुहिम का समर्थन किया, कहा, मौजूदा राजनीतिक पार्टियां जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रहीं

हरियाणा के करनाल से किसान नेता गुरनाम चढूनी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इस बार वजह बनी है “कॉकरोच जनता पार्टी”। गुरनाम चढूनी ने दावा किया है कि उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल यह पार्टी आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया और युवाओं के बीच इस नई राजनीतिक मुहिम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर क्या बोले गुरनाम चढूनी?

किसान नेता गुरनाम चढूनी ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक नई सोच के साथ हुई है। उनका कहना है कि देश का युवा अब पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों का विकल्प तलाश रहा है। गुरनाम चढूनी के मुताबिक आज की राजनीतिक पार्टियां “पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा” की राजनीति कर रही हैं, जिससे आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

उन्होंने कहा कि देश में आम आदमी के सामने रोजगार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में नई राजनीतिक सोच और नई राजनीतिक पार्टी की जरूरत महसूस हो रही है।

गुरनाम चढूनी ने संगठन बनाकर चुनाव लड़ने की दी सलाह

गुरनाम चढूनी ने कहा कि यदि कॉकरोच जनता पार्टी आगे बढ़ती है तो इसे केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी को पूरे देश में संगठन खड़ा करना चाहिए और चुनाव लड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवियों, क्रांतिकारियों, किसानों, युवाओं और देशहित में काम करने वाले लोगों को एक मंच पर लाकर मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार किया जा सकता है। गुरनाम चढूनी का मानना है कि जनता अब बदलाव चाहती है और नई राजनीतिक मुहिम को समर्थन देने के लिए तैयार है।

देश के हालात पर जताई चिंता

किसान नेता गुरनाम चढूनी ने देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि भारत में गरीब और मध्यम वर्ग की जिंदगी लगातार मुश्किल होती जा रही है। कंप्यूटर शिक्षकों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी 15 वर्षों से मात्र 12 हजार रुपये वेतन पर काम कर रहे हैं, जबकि उनसे 12-12 घंटे ड्यूटी ली जाती है।

उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी और महंगाई दोनों तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन आम लोगों की आय में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर सवाल

गुरनाम चढूनी ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज गरीब आदमी के लिए इलाज कराना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। अगर किसी व्यक्ति की हड्डी टूट जाए तो इलाज में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों की बढ़ती फीस और महंगी दवाइयों ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। ऐसे में सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और आम आदमी की पहुंच में लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

पीएम मोदी की अपील का समर्थन, लेकिन सरकार को दी सलाह

पेट्रोल-डीजल और रसायनों के कम इस्तेमाल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर गुरनाम चढूनी ने कहा कि यह अच्छी पहल है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को खुद भी देश का पैसा बचाने की दिशा में बड़े फैसले लेने चाहिए।

उन्होंने कहा कि विदेशों से बड़े पैमाने पर पाम ऑयल आयात किया जा रहा है, जिससे देश का पैसा बाहर जा रहा है और लोगों की सेहत पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर चर्चा में कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यंग्यात्मक राजनीतिक मुहिम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे मौजूदा राजनीति के खिलाफ जनता के गुस्से का प्रतीक बता रहे हैं।

गुरनाम चढूनी के इस बयान के बाद हरियाणा और किसान राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है कि क्या आने वाले समय में देश में कोई नया राजनीतिक विकल्प उभर सकता है।

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